gas cylinders – आज के समय में एलपीजी गैस सिलेंडर हर भारतीय रसोई की ज़रूरत बन चुका है। सुबह की चाय हो या रात का खाना — गैस के बिना घर का काम चल ही नहीं सकता। ऐसे में जब बाज़ार में महंगाई का बोझ पहले से ही भारी हो, तो गैस सिलेंडर की कीमत में ज़रा-सा भी बदलाव आम परिवारों के मासिक बजट को सीधे प्रभावित करता है। यही वजह है कि हर महीने गैस के नए दाम जानना हर उपभोक्ता के लिए ज़रूरी हो जाता है।
कैसे तय होती हैं गैस सिलेंडर की कीमतें?
देश में एलपीजी की कीमतें निजी कंपनियां नहीं, बल्कि सरकारी तेल कंपनियां — इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम — तय करती हैं। ये कंपनियां हर महीने कीमतों का पुनर्मूल्यांकन करती हैं।
कीमतें कई कारणों पर निर्भर करती हैं — जैसे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल का भाव, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिति और सिलेंडर की ढुलाई पर आने वाली लागत। इन सभी तत्वों का मिला-जुला असर अंतिम कीमत पर पड़ता है। इसीलिए अलग-अलग शहरों में सिलेंडर की कीमत में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है।
मार्च 2026 में प्रमुख शहरों में क्या हैं दाम?
उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि मार्च 2026 में देशभर में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें काफी हद तक स्थिर बनी हुई हैं। प्रमुख शहरों में 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर के अनुमानित दाम इस प्रकार हैं:
- दिल्ली — लगभग ₹853
- मुंबई — लगभग ₹852.50
- कोलकाता — लगभग ₹879
- चेन्नई — लगभग ₹868.50
कीमतों में यह स्थिरता दर्शाती है कि फिलहाल आम उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त वित्तीय दबाव नहीं आया है।
व्यावसायिक सिलेंडर सस्ता हुआ, आम आदमी को भी फायदा
19 किलो वाले व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमत में हाल ही में थोड़ी कमी आई है। इसका सबसे सीधा फायदा होटल, ढाबे और छोटे रेस्टोरेंट चलाने वाले कारोबारियों को होगा क्योंकि उनकी उत्पादन लागत घटेगी। अप्रत्यक्ष रूप से इसका असर खाने-पीने की चीज़ों की कीमतों पर भी पड़ सकता है, जिससे ग्राहकों को भी कुछ राहत मिल सकती है।
जानकारों का कहना है कि अगर वैश्विक बाज़ार में एलपीजी के दाम इसी तरह काबू में रहे, तो अगले कुछ महीनों में भी बड़ी बढ़ोतरी की आशंका कम है। हालांकि, वैश्विक हालात और सरकारी फैसले कभी भी परिस्थितियां बदल सकते हैं, इसलिए सतर्क रहना ज़रूरी है।






